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Wednesday, January 13, 2021

जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना हो तो एक बार जरूर सुने


जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना हो तो अपने मन की बात ना छुपाए  उसे उजागर करे  


 

Tuesday, January 12, 2021

आंदोलन भाग १ विषय किसान का आंदोलन


किसान कर रहे है आंदोलन करना उनका अधिकार हे ये जरूरी भी है क्योंकि उन्हें खेत से उठाकर सभी किसानभाई  ओ को  सड़कों पर बिठा  दिया गया है किसान विरोधी कानून बताकर इनहे गुमराह किया जा रहा है अगर ये किसान के हक़ वाला कानून ना होता थो आज सभी राज्य में ये आंदोलन हुवे होते और उनके सपोर्ट में 130 करोड़ की आबादी वाला भारत देश किसान के साथ खड़े होते  और ये कानून कोईभी  सरकार ले आती तब भी हम किसान के साथ होते पर ये कानून किसान विरोधी थोड़ी है अगर होता तो सिर्फ तीन राज्य में ये आंदोलन कर रहे है  किसान की तरह बाकी के राज्य के किसान क्यों नहीं है बाकी के लोग समजदार है कानून को जानते है  और समजते है पर कई किसान  इस कानून के विरोध में जंग छेड़ दी है उन्हे भी पता है फिर  भी इस आंदोलन में शामिल है  पर एक बार तो किसानभाई ओ को सोचना चाईये था इनके  इस कदम से कई  लोग सदमे मै है एक बार भी कभी उन्होंने सोचा नहीं  है और सोचा होगा अगर सोचा होता किसान भाईयो ने ये कदम नहीं उठा थे  ऑर्र नाही किशिभी व्यक्ति के बहेकावे में नहीं आते पर आज कई साहूकार के यूनियन के बाहेकावे में आकर वो आज सड़कों पर है और आंदोलन कर रहे है


 पर आज किसान भाइयों को मे बता ना चाहता हु जो किसान खुद भुखे रहे जाते थे वो ना समझ होकर आज सड़कों पर है कभी भी ऐसा पल याद नहीं आता कि अनाज की किलत हुई हो और किसान मोज करता नजर आया हो पर आज सभी को ये दिन देखने पड रहे है ऐसा कोई वायक्या याद नहीं कभी किसान के कारण  भुखे  सोना पड़ा हो  किसान का रूप देवता के बाद उनका नाम आता है जो अन्नपूर्णा कहा गया है  किसान ने जमी से सिचा हुआ अनाज हर वर्ग के लोगों तक पहुंचाया ये सोचने वाला किसान आज वो सडको  पर है और हम काम पर कभी हमने उन लोगों तक  हमने नए कानून है जो सरकार लाई है उसकी हर जानकारी उन लोगों तक हमने  पहुंचाई नहीं है जो भी पहुंची हुई कुछ जानकारी गलत दी गई क्योंकि कुछ लोग किसान को अमीर स्वानलाबी बनते नहीं देख सकते क्योंकि उनकी बाज़ार बन्द हो रही है और खुद रास्ते पर आ जाएगे इसी डर से उनको ये कानून जो किसान विरोधी नहीं बल्कि किसान हित कानून है ये पता होने के बावजूद कुछ लोग  इस वजह से  सत्ताधारी ओ को  डर सता रहा  है जी हा इस वज़ह से किसान भाई के  कंधों पर अपनी उमिद का दिया जलाकर  इस कानून को उनका अधिकार छीनने वाला कानून बताकर उनको भड़का रहे है और उन्हे आंदोलन करने को मजबूर करवा कर  गंधी राजनीति कर रहे है और अपनी रोटियां शेक रहे है और उनके साथ खुद भी आंदोलन कर है और नाम दिया जा रहा है किसान का आंदोलन पर असल में साहूकार के लोगों का आंदोलन है खुद  परेशान है और बिचोलिये परेशान है इसलिए वो  आज किसान के नाम पर ये हगामा खड़ा कर आज भारत वर्ष का नाम खराब कर रहे है 

सरकार  समझाते रहे गई ओर ये समजने से रहे और  किसान के नेता बने हुवे यूनियन के नेता कानून वापस लो ये ही कहे रहे है और बस कहते रहेते है हर वकत कानून वापस नहीं तो घर वापसी नहीं 

आज कितने भी दौर कि बाचित हो जाए पर ये सामजने से रहे क्योंकि उनको कानून वापसी चाहिए  ताकि सफल सरकार को नीचा दिखाना चाहते है

आज मने और कई लोगो ने ये कानून के बारे जानकारी ली होगी हम जैसे कानून को समझ गए क्यों आया है कानून फिर भी हम हरोज खबर देखते है पर कभी एक ख़बर को अपने विचार को या इश कानून के बारे में हम ने कुछ लिखा नहीं नाही किसान को को हमारी भूख मिटा था है पर कभी भी हम उनके लिए समझाने नहीं गए या हम अच्छी सची ख़बर उन तक जानकारी नहीं पोहुचाई  

अब उच्च नयायलय भी बीच का हल निकाल ने के लिए कमेटी को गठन किया ताकि सरकार और किसान मै ताल मेल हो पर हम अब भी चुप है  और हम सब देख रहे है 

हम सिर्फ बयान बाजी करते है सिर्फ देखते है और कमेंट करते है पर कभी भी में और आप इस बारे मे खुल के बोलते नहीं है आज मने हिम्मत दिखाई है कुछ अपने विचार रख कर  कुछ विचार लिख कर आगे तक भेजे  जिससे हम सरकार को और किसान को बता सके क्या गलत है और क्या सही 


ये भाग 1 था .... कमक्ष


Friday, November 27, 2020

चाणक्य नीती - किसी भी दुख से बहार कैसे निकले ये जानने के लिए वीडीयो जरूर देखे जिससे आप खुदको बदलने पर उतारू हो जाएगे Motivation video


चाणक्य नीती - किसी भी दुख से बहार कैसे निकले   ये जानने के लिए वीडीयो जरूर देखे  जिससे आप खुदको बदलने  पर उतारू हो जाएगे  Motivation  video


 

Tuesday, November 24, 2020

जिंदगी में बहुत बडा फील करना हो तो इस मोटीवेशन को जरूर सुने और आत्मविश्वास बढ़ाएं


जिंदगी में बहुत बडा फील करना हो तो इस मोटीवेशन को जरूर सुने और आत्मविश्वास  बढ़ाएं 
 


Tuesday, November 10, 2020

कैसे कैसे लोग मिलेंगे ! Sonu Sharma ! Network Marketing Tips


कैसे कैसे लोग मिलेंगे ! Sonu Sharma ! Network Marketing Tip!  GREAT MOTIVATION
https://www.youtube.com/watch?v=fBsOUjeJ1lQ

Sunday, October 11, 2020

सफलता उसको मिलती है जो संघर्ष करता है




सफलता उसको मिलती है जो संघर्ष करता है

By Sandeep Maheshwari Hindi



 

Sunday, June 7, 2020

स्पर्धक मै कीयु हु ओर कीयु होना चाहिए ओर कीयु शामिल होना चाहिए। लेखक धीरेन्द्र महेता

स्पर्धक मै कीयु  हु ओर कीयु होना चाहिए ओर कीयु शामिल होना चाहिए

उसका विवरण मैने दिया है  जिससे हम आत्मनिर्भर  बनने के लिए अपनी सोच को रखा हैओर आज हमे मोका मिला है विश्व के हर मोर्चे पर खरे उतरने के लिए   आज हमे स्पर्धक बनकर। विश्व में पंचम लेहेराना के मोका मिला है ओर आज हर मौके पर हर व्यक्ति को अपनी लोकल ब्रांड को वोकल बनाकर गोलोबल बने की दिशा में आगे बढ़ना होगा इस लिए स्पर्धक बनना जरूरी है 

1) स्पर्धक कोन है ?

 उसका जवाब एक ही है छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा स्पर्धक है पर हम अपने आप को स्पर्धक नहीं समजते

 स्पर्धक वो है जीने आगे बड़नेका जुनुन हो
पर क्या हम उसमे सामिल है?

अगर हम स्पर्धक है तो  हम ने उसका विवरण रखा है?

अगर रखा है तो हम किसका इंतज़ार कर रहे है ?

क्या हम स्पर्धक में सामिल होंने पर हार का डर है?

अगर डर नहीं है आगेभी बढ़ना है पर हमें 
स्पर्धक नहीं बनना है कयु?

इतने सारे सवाल कभी पूछे है  हम ने अपने आप से ?

हम जिस किसी क्षेत्र  में  है पर हमें सिर्फ अपनी जुरियात के आधार ही हम आगे बढेते हे ? ना

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2)  स्पर्धक बनना अब तय है?

अंदर से एक आवाज आना तय था अब बहुत हुवा अब तो स्पर्धक बनना ही हे 

इन में से कुछ लोग तो ॐ बोल कर कूदने की तैयारी में है

अबतक आप स्पर्धक नहीं थे अब स्पर्धक बनना है  क्यु अचानक ये आपको ये विचार  बदलना पड़ा?

आप को क्यु ऐसा लगा की अब समय हे अपने विचारोको  बदलने का इसलिये निर्णय लिया आपने 
 मे आप ही के विचारो पर focus दालना चाहुँगा क्युकि आप में वो बात है 

आप अपने आप को साबित करना चाहते हो

आप सब से अलग हो और आप कुछ नया करना चाहते हो

आप में वो बात है जो आप को प्रेरित करती है 
इस बजेसे आप स्पर्धक में शामिल हुवे

आप वो करना चाहते हो जो आप सब से अलग करना चाहते जिसे पता चले हम भी  पीछे नहीं है

हम अपने स्पर्धक को बताना चाहते हे की अब बहुत हुवाँ मे भी आपसे टक्कर लेने में काबिल हुँ अब में हर कोने से तुजे मात करना जानता हु और में तैयार भी हुँ

जब ये सारी बात समज में आती है तब एक स्पर्धक प्रतियोगिता में शामिल हो जाता हे 


3) प्रतियोगिता आखिर क्यु और किस लिये

प्रतियोगिता तब होती है जब कोई स्पर्धक अपना हुनर दिखा ने के लिये सामिल होता है 

तब वो अपने आप को कहाँ खड़ा पा रहा है उसका विवरण करता है  या आत्मं मथन करता है तब

ठीक उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिये वो अपनी रणनीति बनाता है  ओर उस ऑर्र सारा ध्यान केन्द्रित कर लेता है तब वो सारी बात को पेपर उतार लेता है

जब वो  पेपर प्लानिंग के अनुसार आगे बढ़ता है तब
अपने हुनर को साबित करने के लिए वो उस ओर बढ जाता है
फिर वो व्यक्ति किसीभी क्षेत्र पर हो खेलकूद पढ़ाई हो कारोबार हो या इस के अलावा कोई भी क्षेत्र में हो हमे अपना सारा ध्यान  presentation  की ओर  होता है जब  लोगो के सामने presentation
रखता है 

तब ये ही सोचता है में अपना जो भी दाव पे लगाता तब  उसे अपने आप से डर नहीं होता वो ये सोचता है मुजे खुद से जादा अपनी मेहनत पर होती है तब खुद का भोरोसा डगमगाता नहीं है इस क्षेत्र से जुड़े हर व्यक्ति टीम वर्क से काम करती है तब उसकी महेनत विफल नहीं होती है

अब जीत तय हे ये तब हम मान लेते है तो दौड़ना शरू कर देता है  उस क्षेत्र में क्योंकि वो आत्मनिर्भर हो चुका होता है

कियुकी उसका vision और mission जब तय कार लेता है तो विजेता बनना तय हो जाता  है 


4)  स्पर्धक प्रतियोगिता और में

जब ये तिन  मुद्दों का मिश्रण हो तब  ये सवाल का जवाब  मिल ही जाता है  

पहले एक  व्यकती अपने आपको स्पर्धक नहीं समजता

जब उसे कोई अच्छी दिशा मिल जाती है तब उस में कुछ कर दिखाने की चाहत जग जाती है तब  वो किसी का स्पर्धक बनजाता है

जब स्पर्धक बनता है तब वो अपने स्पर्धक के अच्छी बुरी हर हरकत का वो point आउट करता है फिर वो paper पर  note down  करता है तब प्रतियोगिता में सामिल होता है

जब ये दो से शब्ध को समजता है तब वो अपने आप को बड़ा और अच्छा साबित करने के लिये वो अपनी शक्ति लगा देता है

तब उसे अपने आप को साबित कर वो जीत की और छलांग लगाता हे 

इस 4 विषय को जब आपने पड़ा होगा तब आपके मनमई कुछ ओर नया करने की भावना जगी होगी 
ओर उस विषय पर सोचा भी होगा ओर ये खयाल आया भी होगा आने वाला समय मेरा ओर मेरे परिवार ओर मेरे देश का होगा 

जब  ये सोच आई है था उसे दिशा दे इस सोच को दिशा की जरूरत है  मोच की नहीं 
आज हमारे एक सोच से जब हम आत्म निर्भर बनेंगे
तब स्पर्धक म शामिल होकर जीत का आनंद मिलता है ओर दूसरो को अपने वजह से उन्हे भी शिख ने का मोका मिलता है ओर जब वो भी शीख लेंगे तब  इस स्पर्धक में  प्रतियोगिता का कोई मतलब नहीं होगा  तब सब लोग हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर विजेता बनेंगे

आशा है आपको ये सोच को पढ़कर  कोई सुझाव  आया होगा की इस मै ओर भी कुछ प्रकाश  डाल सकते थे  
या आपका कोई विषय हो जो आप मुझे भेज सकते है
धन्यवाद  आपने समय निकाल कर मेरी पोस्ट को पढ़ कर मै आपका ऋणी हुआ हु

लेखक
धीरेन्द्र महेता


Sunday, May 10, 2020

दुसरो की लकीर कम करने से अच्छा अपनी लकीर बड़ी करना शीखो--- लेखक धीरेन्द्र महेता


दुसरो की लकीर कम करने से अच्छा अपनी लकीर बड़ी करना शीखो

हम ये सोचते है की हमारी लकीर बड़ी हे हमें कुछ डर नहीं इसलिये वो दुसरो की बढ़ती लकीर को छोटी करने की कोशिश करते हे उसे आगे बढ़ने रोखते है 
क्युकि इनको डर है उसकी बढ़ती लकीर का कही उनकी लकीर छोटी ना हो जाये इस वजह से हम उस व्यक्ति के प्रति देखने का नजरिया बदल देते हे
और वो व्यक्ति हमें ना पसंद लगता हे  पर हम उसकी हर बातको ना सुनकर उसे रोक देते है या उसे हा हा ठीक है ये कहे कर हम उस बात को अनसुना कर देते है ओर उसके  विचार को नहीं देखते  नाही गौर करते या  हम उसकी बातको मजाक में उड़ाना शुरू कर देते है वो छोटा आदमी क्या करता वो अपने उपरी अधिकारी से परेशान होता है  कयोकी वो उसे ऊपर आने ही नहीं देता पर वो अपने काम पर निष्ठावान होता है पर वो कुछ नहीं कर पाता पर बड़ी लकीर वाले ऐसे लोगो को परेशान करने में एक भी कसर छोड़ ते नहीं है 

जैसे मान लो आपके पास आकर कहेता है आज जल्द जाने मिलेगा हम कहेते है आज  काफी काम है आज आप नहीं जा सकते ओर बिचारा क्या करता वो फिर काम मै लग जाता है ओर तय किये समय उनुसार चला जाता हे  या हम बहुत कुछ सूना कर जाने  देते हे ओर उसे निराश कर अपने तरफ देखनेका नज़रिया  बदलने के लिए मजबुर करते है ओर वो हमारी बुराई पीठ पीछे करता है
पर इस्के जिम्मेवार हम ही है जल्दी तो गया पर क्या लेकर गया उस समय उसने जेली परेशानी किसीको नज़र नहीं आती 
हम ओरो को ये जताते है की देखा कितना दबदबा है हमारा हमे कोई बोलने वाला नहीं  मै जो भी कर रहा हूं वो कंपनी के नियम अनुसार ही कर रहा हूं पर वो ये नहीं जानते की उस व्यक्ति ने अपने साथ एक ही बात ले गया कितना भी काम करो पर कोई  फायदा नहीं उपरी अधिकारी के रहेते हम छोटे  के छोटे ही रहेंगे उसे दूसरो के प्रति कोई लगाव नहीं है ओर वो छोटा व्यक्ति अपना दायरा सीमित कर लेता है 

उपरी अधिकारी जबतक ये नहीं सोचेगे की मै भी छोटे दायरे से इस बड़े दायरे में  आया हूं अगर में उस छोटी  लकीर को बड़े लकीर में सामिल करुगा तो  मेरी भी लकीर अपने आप बड़ी होगी पर ये सिर्फ ओर सिर्फ अपना स्वार्थ देखते है ओर साहेब के सामने  छोटे कर्मचारी की बुराइयां शुरु कर देता है ये जताता है की मै कितना ध्यान देता हूं बस ये जताने के चक्कर में रात दिन लगा रहेत्ता है

इस समाज में हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अधिकार है जब तक उपरी अधिकारी छोटे कर्मचारी के साथ कदम से कदम मिलाकर नहीं चले तो एक दिन हम अपनी टहनी हम खुद ही काट लेगे ओर हम उस समय कुछ नहीं कर पायेगे

जरूरत है सिर्फ ओर सिर्फ एक बात समझ ने की
हम ऐसे क्षेत्र में काम करते है जहा ये भेदभाव करने की जरूरत क्यो है ? 

आज हमे एक बात समझे की जरूरत है 
जब हम अपनी लकीर बड़ी करते रहेगे और वो अपनी छोटी लकीर बड़ी करते रहेगे तब छोटी बड़ी दोनो में तालमेल होगा तब वो दिनभी कुछ और होगा तब छोटी लकीर का फासला मिट जाएगा  और हर होदे के अफसर मिल जुलकर काम करते नजर आए गे

तब कोई प्रतिस्पर्धी नहीं होगा 

                                   लेखक धीरेन्द्र महेता







Friday, May 8, 2020

अपने जीवन में हालात को बदलने क्या करना होगा लेखक धीरेन्द्र महेता

अपने जीवन में हालात को बदलने क्या करना होगा  लेखक धीरेन्द्र महेता

सोच रहा था कब हालात बदलेंगे  पर कभी भी किसी भी व्यक्ति ने ये नहीं कहा इतने दिनमें कुछ दिनों में या कुछ महीनों में हालात बदलेंगे या सालो में बदलेगे बस थोड़ी धीरज रखो सब ठीक होगा बस बुरा वकत चल रहा है हिमत से काम लो सब सही हो जाएगा ये दिलासा अकसर लोगो को या मुझे कहीं से भी जुरुर सुनने मिलता है पर जो इस दौर से गुजर रहे है उसको कर्म के आधार पर या उसके  पिछले जन्म के पाप ऑर पुण्य के आधार पर जीवन में भुगतना पड़ता है  पर इस जन्म मै  वो पिछले जन्म के विपरित जिंदगी जी रहा है फिर भी उसे उस कर्म के अनुसार उसको इस जन्म में कष्ट भुगतना पड़ता है ना ही वो ठीक से जी सकता है ना ही वो ठीक से अपने परिवारमें खुशियां बाट सकता है ये काल का चक्र अपने जीवन में ऐसा फिरता है चाहकर भी वो वर्तमान में अच्छे कार्य कर ही नहीं सकता अगर कर भी लेता है फिर भी उसको फल मिल नहीं पाता अपने बिगड़े हुवे हालात को सुधारने में  क्या क्या नहीं करता में इस बात को विवरण में बताना नहीं चाहता ये सब ही लोग जानते है और ये अपने जीवन में खुद कर चुके है 
में सिर्फ और सिर्फ इस विषय में ये कहेना चाहता हूं की परिस्थिति अपने हाथ नहीं होती पर जो हाथ मै उसे सुधार ने मै अपना कीमती समय बरबाद कर देते है जो जैसा चल रहा है उसे उसी मोड़ पर खुला छोड़ दो उसे उसकी ओर अपना मन मत लगाओ बस एक ही काम है अपने पास जो है इस जीवन के हर पल खुशनुमा केसे बनाया जाए उस ओर अपनी इन्द्रियों को उस कार्य रथ करदो उस ओर बड़े कदम वर्तमान को आंनद ऑर भविष्य को आनंददायक बना पाओगे 
क्या हाथ से चला गया है उसकी चिंता करनी नहीं है बस उसे फिर से केसे अपने  हाथ में लाना है उस ओर अपनी शक्ति लगाओ वो ही अपना उद्देश्य होना चाहिए 
आज हम एक बात सोचते है उसने मेरे हक का था उस ने कीयु बीच में हाथ डाला एक बार सोचना जरूरी है हम जिसके काम के पीछे लगे थे वहीं काम के पीछे कोई ऑर होगा पर वो मेरे ही हक का था पर उस ने अपने आपको केसे सिद्ध किया की वोही हकदार बन गया ऑर मै कहा चूक गया जिस कारण वो उस काम के लिए उसने अपनी योग्यता सिद्ध की कई ऐसा भी होता है की वो अपनी चालाकी से हासिल कर लेता है पर हम कुछ कर नहीं पाते तब हम निराश होकर हम उसे कोसते है या अपने आप को दोषी मानते है की में ही कुछ नहीं कर पाया पर हम अपनी हिम्मत को पराजय में शामिल करते है और हम उस स्पर्धा से हम बाहर होते ही हम अपने आप को हारा हुआ इनसान समजते है ओर बस एकबात हमारे जहेन में रहे जाती है की उसने मेरे साथ ऐसा कीयू किया बस सारा समय उसी ऑर हम सोचते है ऑर जो काम हमारे हाथ होता है हम उसे भी बिगाड़ ने में तुले होते है  हमारा ध्यान सिर्फ ऑर सिर्फ आपने काम पर होना चाहिए ऑर अपने लक्ष्य पर अगर हम इतना हम कर लेते है तो हम जीवन के हर मोड़ पर खरे उतरेंगे नाही हने पछाड़ सकता है बस धैरिय रखना होगा ऑर अपने आप पर सैयम रखना होगा ये हालात हमें बदलने होते है नाही कोई मदद में आता है नाही अपने आशु पोछने आता है बस ये हालात का सामना हमें मक्कम मन से करना होगा
तभी ये हालात को हम बदल पाएंगे

लेखक धीरेन्द्र महेता

राजनीती बदल रही है साथ ही मेरे भारतवासीभी बदल रहे है

राजनीती बदल रही है  साथ ही  मेरे भारतवासीभी  बदल रहे है  मोदी जी  डर गया है अब राहुलजी ने राजनीति सीखली है अच्छी बात है कोई भी अपनी पार्टी क...