राजनीती बदल रही है साथ ही मेरे भारतवासीभी बदल रहे है
मोदीजी डर गया है अब राहुलजी ने राजनीति सीखली है अच्छी बात है कोई भी अपनी पार्टी को अच्छी ओर साफ सुधरा बता सकता है इसलिए तो बेल पर जमानत से बाहर है ऐसे तो विपक्ष हो या सताधारी पार्टी मैं भी बेल् पर जमानत से बाहर है ऐसे कई नेता हैं अपने पर लगे आरोपीको वो हो बेबुनियाद हैऔर ईमानदार है ये चिल्ला चिल्ला कर बोल रहे हैं
चुनाव आते हैं हर मंदिर हो मजीद हो या चर्च मथहा टेक आते हैं b ये तो छोड़ो किसी एक गरीब के घर जाकर खाना खा कर आते है और ये भी बता देते हैं की हमारा फलाना फलाना नेता गरीबों का मसीहा है कितनी गंदी राजनीति करते हैं जाति धर्म पर लडवा कर देश को गुमराह करते हैं लड़वाते हैं या फिर इसी विषय पर हगामा खड़ा कर सड़को पर या आदोलन उत्तर आते है किसी बेटी का बालतकार हो जाए इस पीड़ित का दर्द बाजू पर बस फिर क्या मिडिया से लेकर आम आदमी ओर राजनेता अपना पक्ष लेकर खड़े हो जाते है जन प्रतिनिधि मामला सुलझाने के बजाय धर्म के नाम पर लड़वा देते हैं कुछ लोग ऐसेभी है जो उसी लड़की का वीडियो अश्विलता वाला वायरल कर देते है जो ये नही सोचते ऐसा करने से आगे क्या होगा बस बिना सोचे समझे किसका अस्तित्व को मिटा देते हैं पर हमें उस लड़की को न्याय दिलाने कुछ दिनों तक जागे रहते है फिर हम हमारे रास्ते सरकार के लोग उनके रास्ते बस येही होताआ रहा अब तक फिर कया कोई ऐसी घटना का इंतजार वोही मूल्यकान होता हैं फिर से वोही सिलसिला दोहराया जाता है पर अभी तक नाही पीड़ित बेटी हो बहु हो या पत्नी इनकी न्याय की बुहार लागने वाले परिजनोंको
न्यायपालिका से न्याय नहीं मिला उनके घर वालो को अभी तक वो इंसाफ का इंतजार कर रहे है पर इनको क्या मिला बदले मैं उन्हें क्या हासिल हुआ अपनी बेटी की बदनामी साथ साथ माँ बाप को समाज में लज्जा से सर जुकाय बदनामी जेलना और लोगो से क्या मिलता बदले मैं थोड़ी सी साहनुभूति और कैंडल मारर्च लोगो को दिखाने के लिए किसी भी राज्य की घटना हो लड़कीको न्याय बाद मैं मिलता है की नहीं वो भीं पता नही पर जनप्रतिनिधि सरकार को कोसना चालू कर देते है या जाने क्या क्या नहीं बोलते पर नया कानून लाने के लिए कोई सरकार या विपक्ष आगे नहीं आती कितनी भी घटिया राजनीति हो जाए पर न्याय के लिए कोई कानून नहीं बनता और ये विषय को और ठंडे बक्से में डाल दिया जाता है हम अपना दिल और दिमाग ठंडा कर बैठ जाते है आजादी के 77 साल में हम भी हम जात पात धर्म पानी सब्जी दाल चावल पेट्रोल डीजल के दाम पर अटकी है और आरक्षण मे उलझे है
देश के युवाओ के लिए उज्वल भविष्य के लिए देश तरक्की के लिए कोई बात नहीं करता है जो सरकार करती है वह हमारी सरकार के साथ कदम से कदम भी चलते नही उल्टा उसे गिराने के लिए नए पैंतरे या मुद्दे लाती है चाहे उसके मायने हो या नहीं यहां हमारे देश के नागरिक को देश तरक्की करे उसके बारे कम सोचते ज्यादातर अपना ध्यान प्रति पेट्रोल डीजल सब्जी रोटी दाल चावल पर ही अटकी ही हमारे नागरिक को जो कुछ लोग है जिन्हे दाम 1990 ये 1999 के दाम चाहिए और सुविधा हो पगार की आमदनी आज के हिसाब से वाह मेरे देश के नागरिक आप भी देश के नेता जी ही निकले
26 जनवरी या 15 अगस्त को देश प्रति देश प्रेम की बात करते हैं आशु बहाते है राष्ट्रीयध्वज को सलामी देकर दूसरे दिन राष्ट्र प्रति देशभक्ति भूल जाते हैं ऐसे दोगले विचारो वाली सोच राज नेता से लेकर सामान्य नागरिक तक सोच विकसित हो रही है
जाने मेरा देश कहा या कौन सी दिशा में जा रहा है इसी घटनाएं देश के प्रगति के रास्ते पर अड़चने पैदा कर रही है जो देश को आगे लेजाने दिन रात एक कर रहा है वही दूसरी ओर भीतर बैठे कुछ लोग देश को बदनाम और देश में अारर्जकता फैला रहे हैं देश को जाती धर्म के नाम पर बाट रहे है और हमारे बीच कुछ ना समझ लोग है जो समझना नहीं चाहते इनकी सोच के कारण आज जो ना समझ भाईयो बहेने हमारे युवा बुजुर्ग इनके बहकावे में आकर अपना और देश नुकसान पहुंचा रहे है
हमे सही दिशा मैं आगे बड़ना होगा जात पात धर्म मैं ना फसते हुवे ही राष्ट्रप्रेम का धर्म निभाना चाइए देश की तरक्की लिए सब्जी रोटी दाल चावल पेट्रोल डीजल टमाटर पियाज आलू मैं नही उलझना चाहिए
हमे आने वाली अपनी पीढ़ी को बेहतर बनाने के लिए आज का वर्तमान को और भविष्य को सुरक्षित करना होगा हमारे भारत की छबि तब चमकेगी जब राष्ट्रप्रेम की भावना अपने दिल मैं जागाकर देशके हित मैं कदम से कदम मिलाकर हम सब एक ही राह पर साथ साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे
जरा सोचिएगा जरूर क्या हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे है
आपकी अपनी पसिंदा प्रस्तुत
