जिंदगी मैं तुजे बहुत कुछ शिखना है
बरसों से एक बात जरूर सुनता आया हु जिंदगी मैं तुजे बहुत कुछ शिखना है और बहुत कुछ देखना है पर ये लोग कीयु बोलते थे वो पता नही
आज धीरे धीरे समझ आ रहा है इतनी आसन नहीं होती इस जिंदगी को जीना
हर कदम पर कुछ ना कुछ शिखा ही देती है ये जिंदगी कुछ अच्छे लम्हों के साथ तो कुछ बुरे लम्हों के साथ सारी कड़ी जुड़कर रहे जाती हे जिंदगी के साथ हर लब्ज़ सही साबित भी होते तो कही लब्ज़ अपने आप पर हावी भी होते है ये सब जिंदगी को महेशूस करने से हीं पता चलता हे जिदंगी ही एक संघर्ष है उसके बिना कुछभी हासिल नहीं होता जो शॉर्टकट से हासिल किया हुवा मुकाम लंबे समय तक रहेता नहीं है बस संघर्ष ही जिंदगी का परियाय है उसके बिना जिंदगी के हर पहलू जिंदगी के साथ जीते ही पता चल जाता है की कोनसा इन्सान किस ओर चला जा रहा है
ये सब अपनी आखों से देखा हुवा वो सच है जो कोई भी इन्सान जुटला नहीं शकता
आज पता चल रहा है की लोग कीयु कहेते थे बहुत कुछ शिखना और देखना बाकी है
लेखक
धीरेन्द्र महेता

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